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Vrishchika Masik Rashifal in Hindi - Vrishchika Horoscope in Hindi - वृश्चिक मासिक राशिफल

Scorpio Rashifal

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से देखने पर पता चलता है कि इस महीने आपकी राशि का स्वामी मंगल पंचम भाव में विराजमान रहेगा, जिससे आपके स्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी। वहीं दूसरी ओर आठवें भाव में बुध, राहु और सूर्य की युति होगी और दूसरे भाव में गुरु और केतु का जमावड़ा तथा राशि स्वामी मंगल पर शनि की दृष्टि होने से हल्की-फुल्की स्वास्थ्य समस्याये प्रभावित कर सकती हैं। राहु का अष्टम में होना यह दर्शाता है कि आपको कोई रोग अचानक से महसूस होगा, जिसका इलाज एकदम से कर पाना संभव नहीं होगा। हालांकि वह अचानक से ही गायब भी हो जाएगा। अर्थात आपको अधिक डॉक्टरी इलाज की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बल्कि कुछ घरेलू नुस्खे अथवा अल्टरनेटिव थेरेपी के द्वारा आप अपने स्वास्थ्य से सम्बंधित समस्याओं से मुक्ति पा जाएंगे। इस दौरान कुछ लोगों को फैटी लीवर की समस्या हो सकती है तथा कुछ लोगों को पेट में दर्द की शिकायत महसूस हो सकती है। इससे बचने के लिए विशेष रूप से अपने खान-पान पर ध्यान दें और बाहर की हवा के प्रति सचेत रहें कि उसमें प्रदूषण की मात्रा अधिक तो नहीं, क्योंकि वह आप पर बहुत ज्यादा विपरीत प्रभाव डाल सकती है। तीसरे भाव में उपस्थित शनि आप को चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए प्रयत्न करने को प्रेरित करेगा क्योंकि यहां स्थित शनि जहां एक ओर आपके मन में आलस्य देगा वही आपके जीवन में चुनौतियाँ लाएगा तो आपको आलस्य को त्याग कर आगे बढ़ना चाहिए ताकि आप एक अच्छे स्वास्थ्य का आनंद ले पाएँ और संभव हो तो मेडिटेशन अवश्य करें जिससे कि आपको मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिल सके। वृश्चिक राशि के जातकों को इस महीने अष्टम भाव में बैठे राहु, सूर्य और बुध तथा द्वितीय भाव में बैठे केतु और बृहस्पति की वजह से कुछ शारीरिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं। विशेष रूप से त्वचा संबंधित रोग, दाद, खाज, खुजली, एलर्जी आदि से संबंधित परेशानियां इस दौरान आपके सामने आ सकती हैं। इनसे बचने के लिए आपको पहले से तैयार रहना चाहिए और जरा सी भी समस्या होते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। इसके अतिरिक्त भोजन की अनियमितता के कारण भी आपको कुछ शारीरिक दिक्कतें इस दौरान परेशान कर सकती हैं, जिनके प्रति आपकी सजगता ही आपका मुख्य बचाव हो सकता है।

कैरियर: यदि आपके करियर की बात की जाए तो दशम भाव का स्वामी अष्टम भाव में राहु के साथ होने से कार्यक्षेत्र में चुनौतियाँ अधिक रहेंगी। मंगल भी कर्म भाव से अष्टम भाव में होने के कारण आपको कार्यक्षेत्र में चुनौतियाँ बनाए रखेगा, जिससे आपके लिए कार्यस्थल पर टिकना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन यदि आप दृढ़ प्रतिज्ञ रहेंगे, तो स्थिति बेहतर बनेगी। महीने के उत्तरार्ध में जब 16 तारीख को सूर्य का गोचर आपके नवम भाव में होगा तो आपको खोई हुई प्रतिष्ठा पुनः प्राप्त होगी और कुछ लोगों का बेहतर जगह पर ट्रांसफर के भी योग बनेंगे, जिससे आपकी पद और प्रतिष्ठा की वृद्धि होगी और आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा। यदि आप व्यापार करते हैं तो उसके लिए समय काफी बेहतर रहने वाला है और शुक्र देव की कृपा पूर्ण रूप से आपके पक्ष में रहेगी। आपको अपने आलस्य को त्याग कर प्रयासों को गति देनी होगी, तभी जाकर आप अच्छा मुनाफ़ा कमा पाएंगे।

प्रेम / विवाह / व्यक्तिगत संबंध: प्रेम संबंधित मामलों के लिए महीना अधिक अनुकूल नहीं दिखाई देता क्योंकि पंचम भाव में मंगल बैठा है, जो अत्यधिक ऊर्जा का कारक है और यही मंगल आपके रिश्ते में गर्मी बढ़ा सकता है अर्थात आप और आपके प्रियतम के बीच कहासुनी हो सकती है। पंचम भाव का स्वामी बृहस्पति द्वितीय भाव में है, जो बताता है कि आपका प्रियतम आपके परिवार के प्रति उत्सुकता रखेगा और आपके परिवार के लोगों से मिलना चाहेगा, लेकिन बृहस्पति पीड़ित अवस्था में होने के कारण आपके प्रियतम का स्वास्थ्य भी कमजोर हो सकता है और शनि की पंचम भाव पर दृष्टि पड़ने के कारण यह महीना आपके प्रेम जीवन के लिए कुछ चुनौतीपूर्ण ही रह सकता है। ऐसे में संभलकर रहें और कोई भी ऐसा कार्य न करें, जो आपके रिश्ते को बिगाड़ने वाला साबित हो। आपके प्रियतम को यदि आप की आवश्यकता हो तो उनका साथ अवश्य दें। यदि आप विवाहित हैं तो इस महीने आपको अधिक चिंतित होने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह महीना आपके लिए काफी हद तक बेहतर रहने वाला है। आपकी कुंडली के सप्तम भाव का स्वामी शुक्र सप्तम भाव में विराजमान होने से दांपत्य जीवन में प्रेम और स्नेह को बढ़ाएगा और आप दोनों के बीच आकर्षण भी बढ़ेगा, जिससे अंतरंग संबंधों की वृद्धि होगी और आप शारीरिक एवं मानसिक दोनों रूपों में एक दूसरे के निकट आएँगे, जिससे दांपत्य सुख में बढ़ोतरी होगी। इसके अतिरिक्त जीवनसाथी आपके कार्य में आपका समर्थन करेगा और आपका हाथ भी बँटायेगा, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी उनका योगदान होगा। इस दौरान ससुराल पक्ष से अच्छे संबंध बनाए रखने का प्रयास ठीक ठाक अच्छा चलेगा।

सलाह: उपाय के रूप में उत्तम गुणवत्ता वाला मूँगा रत्न धारण करना आपके लिए फलदायक साबित होगा। यह रत्न आपको मंगलवार के दिन अपनी अनामिका ऊँगली में ताम्बे की अंगूठी में पहनना चाहिए। इसके अतिरिक्त बुधवार की शाम के समय किसी मंदिर में काले तिल तिल दान करना भी बेहतर रहेगा।

सामान्य: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए 2020 का जुलाई महीना किसी ऐसे सपने की तरह होगा, जिसमें आपकी कुछ इच्छाएं आपको पूरी होती हुई दिखाई देंगी, तो कुछ जगह आपको निराशा का सामना करना पड़ सकता है। अर्थात जीवन में धूप छांव की स्थिति का निर्माण होगा और आपको मिश्रित परिणाम मिलेंगे। आर्थिक तौर पर चुनौतियों के बाद सफलता मिल सकती है। पारिवारिक जीवन भी धीरे-धीरे सुधरेगा और दांपत्य जीवन भी बेहतरीन रहेगा, लेकिन लव लाइफ में समस्याओं के बादल छाए रहेंगे। आमदनी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। भाई बहनों का सहयोग और समर्थन प्राप्त होगा। वहीं विरोधी आप पर भारी पड़ सकते हैं इसलिए उनके प्रति सचेत रहें। कुछ यात्राएं इस दौरान संभावित दिखाई दे रही हैं।

वित्त: आर्थिक नज़रिए से देखने पर पता चलता है कि दूसरे भाव में गुरु और केतु की युति है, जो परिवार में संचित धन को दर्शाती है। गुरु की उपस्थिति होने से आपके संचित धन में वृद्धि होगी और परिवार का धन बढ़ेगा, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। राशि का स्वामी मंगल पंचम भाव में बैठकर आपके एकादश भाव को दृष्टि दे रहा है, जिसकी वजह से आप अपने निजी प्रयासों के द्वारा अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना पाने में सफल रहेंगे और इस दौरान आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। मंगल की दृष्टि अष्टम और द्वादश भाव पर होने से तथा शनि की दृष्टि भी द्वादश भाव पर होने से आपके खर्चों में कमी आएगी। इसकी वजह से आर्थिक स्थिति और भी बेहतर बनेगी। हालांकि आठवें भाव में सूर्य, बुध और राहु की स्थिति अचानक से धन हानि को भी इंगित करती है, जिसके प्रति आपको सचेत रहना चाहिए। सप्तम भाव में बैठे शुक्र देव आपको व्यापार के माध्यम से अच्छा धन लाभ दिलाएंगे, जिससे आप आर्थिक तौर पर समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ेंगे और आपका यह महीना आर्थिक तौर पर सामान्य से थोड़ा बेहतर बीतेगा।

पारिवारिक: जुलाई के महीने में आपका पारिवारिक जीवन कुछ चुनौतियों का सामना करेगा क्योंकि आपका चतुर्थ भाव पाप कर्तरी योग में रहेगा और चतुर्थ भाव का स्वामी तीसरे भाव में है। इसका अर्थ यह है कि आपको चुनौतियों से लड़ते हुए अधिक प्रयास करने पड़ेंगे ताकि आप स्वयं के निजी और पारिवारिक जीवन को बेहतर बना पाएँ। माता का स्वास्थ्य उथल पुथल से भरा रह सकता है और पिताजी के स्वास्थ्य की भी समस्याएं सामने आ सकती हैं। हालांकि आप अपने ओर से पूर्ण प्रयास करेंगे कि पारिवारिक जीवन को महत्वपूर्ण बनाने की दिशा में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर सकें। इसमें आपके भाई बहन भी आपका योगदान करेंगे और आपकी सोच रंग लाएगी। इससे परिवार का वातावरण धीरे धीरे धीरे ठीक होना शुरू हो जाएगा। हालांकि कुछ चुनौतियाँ उसके बाद भी बनी रह सकती हैं। अपने ससुराल पक्ष के लोगों से झगड़े आदि का प्रयास ना करें, इसमें दिक्कत हो सकती है। इसके अतिरिक्त द्वितीय भाव में बैठा बृहस्पति आर्थिक तौर पर परिवार के लिए अच्छा रहेगा, लेकिन धार्मिक मामलों में आपके परिवार की सोच काफी कट्टर हो सकती है क्योंकि केतु भी साथ में है. ऐसी सोच का पालन करना आवश्यक होगा अन्यथा घर के लोग आपको वह सम्मान नहीं देंगे, जिसकी आप उनसे अपेक्षा करते हैं। परिवार के साथ चलकर परिवार की स्थिति को समझें और उसी के अनुसार आचरण करें, तभी आप परिवार में सुकून का अनुभव कर पाएंगे।