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Meena Masik Rashifal in Hindi - Meena Horoscope in Hindi - मीन मासिक राशिफल

Pisces Rashifal

स्वास्थ्य: यदि आपके स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से देखा जाए तो कोई बहुत बड़ी समस्या तो होती दिखाई नहीं दे रही है लेकिन फिर भी आपको अपने कंधे, गले और बाजू में किसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है या फिर आप का दाहिना कान आपको दर्द दे सकता है। इन पर थोड़ा ध्यान देंगे तो कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी और आप अपने स्वास्थ्य का आनंद लेंगे। प्रतिदिन थोड़ा घूमने की आदत डालें। यदि संभव हो तो साइकिलिंग करें। ऐसा करने से अपने वजन को नियंत्रण में रख पाएंगे क्योंकि बृहस्पति के द्वादश भाव में जाने से वजन वृद्धि के योग बन सकते हैं। तंदुरुस्त जीवनशैली अपनाने से आपको अच्छा स्वास्थ्य मिलेगा जिससे आप एक अच्छा जीवन व्यतीत कर पाएंगे।

कैरियर: भावुक रहने वाले मीन राशि के लोग इस महीने अपने करियर को लेकर थोड़ी संतुष्टि तो महसूस करेंगे लेकिन फिर भी उन्हें अपने करियर पर विशेष रुप से ध्यान देने की जरूरत पड़ेगी। दशम भाव के स्वामी बृहस्पति की एकादश भाव में उपस्थिति अनुकूलता लाएगी और जॉब में आप की स्थिति में सुधार आएगा। समस्याओं में भी कमी आएगी। तीसरे भाव में उपस्थित मंगल और राहु की युति अपने साथ काम करने वालों से संबंध बिगाड़ सकती है और आपके और उनके बीच वाद-विवाद हो सकता है इसलिए बेहद सावधानी से रहें। अपनी कोई पर्सनल या गुप्त बात उन्हें ना बतायें, नहीं तो वे उसका अनुचित लाभ उठा सकते हैं। 6 अप्रैल से बृहस्पति के द्वादश भाव में जाने से आपकी कार्य क्षेत्र को लेकर भाग दौड़ और व्यस्तता बढ़ जाएगी। आपको सुदूर यात्रा या विदेश जाने का मौका भी काम के सिलसिले में मिल सकता है। एकादश भाव में उपस्थित शनि आपकी चुनौतियों को धीरे-धीरे कम करते जाएंगे और आपको आपकी मेहनत के अनुपात में परिणाम मिलने शुरू हो जाएंगे। यदि आप बिजनेस करते हैं तो महीने की शुरुआत बेहद अच्छी रहेगी। आप पूरी ईमानदारी और दिमाग लगाकर अपना काम करेंगे और उसमें आपको सकारात्मकता मिलेगी। महीने के उत्तरार्ध में आपको अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के कई मौके मिलेंगे और कुछ सरकारी लोगों से भी अच्छे संबंध स्थापित होंगे जो आपके बहुत काम आने वाले हैं। मंगल का गोचर चौथे भाव में होने से कार्यक्षेत्र में आप मजबूत हो जाएंगे।

प्रेम / विवाह / व्यक्तिगत संबंध: प्रेम संबंधी मामलों के लिए बृहस्पति और शनि की दृष्टि पंचम भाव पर पढ़ना अच्छा रहेगा। आप अपने रिश्ते को लेकर बहुत ईमानदारी बरतेंगे और आप यही प्रयास करेंगे कि आपका प्रियतम भी आपसे ईमानदारी का बर्ताव करें और आप दोनों के रिश्ते में पूरी पारदर्शिता हो। किसी तरह का कोई छुपाव ना हो। इसके सकारात्मक परिणाम भी मिलेंगे और आप एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझ पाएंगे तथा अपनी इस लव रिलेशनशिप और भी मधुर और अच्छा बना पाने की पूरी कोशिश करेंगे। तीसरे भाव में स्थित राहु आपको थोड़ा निरंकुश बनाएंगे इसलिए आप सामाजिक मान्यताओं की परवाह कम करेंगे लेकिन ऐसा करने से बचें और मर्यादित जीवन जियें ताकि बाद में किसी तरह की कोई समस्या ना हो। विवाहित जातकों के लिए सप्तम भाव पर पड़ रही शुक्र, बुध और सूर्य तथा बृहस्पति की दृष्टि वैसे तो अनुकूल कही जा सकती है और आप के रिश्ते में प्रेम और आपसी समर्पण के साथ आपसी सामंजस्य बढ़ेगा लेकिन महीने के उत्तरार्ध में मंगल की दृष्टि सप्तम भाव पर होने से कुछ वाद विवाद भी संभव हैं। जीवनसाथी कुछ गुस्से में आकर बुरा भला भी बोल सकता है लेकिन ऐसा तभी होगा, जब उन्हें इस बात का मौका मिलेगा और आप की ओर से कोई गलती होगी इसलिए आप प्रयास करें कि ऐसी स्थिति का निर्माण ही ना हो जिससे कि आप समस्या मुक्त रह सकें। वैसे आपका जीवन साथी आपका पूरा साथ देगा और परिवार की गतिविधियों में भी पूरी ईमानदारी से अपने कर्तव्य का पालन करेगा। यही वजह होगी कि आपके दिल में और भी ज्यादा जगह बनेगी।

सलाह: आपको सदैव एक पीला रुमाल अपने पास रखना चाहिए। प्रतिदिन श्री बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। आपको बृहस्पतिवार के दिन पीपल और केले का वृक्ष लगाना चाहिए और उसकी नियमित पूजा करनी चाहिए। शनिवार के दिन काले तिलों का दान करना आपके लिए हितकर रहेगा। भगवान शंकर को प्रतिदिन नमन करें और शिवलिंग पर दूध से अभिषेक करें।

सामान्य: मीन राशि के जातक स्वभाव से ज्ञान और त्याग की मूर्ति माने जाते हैं। बहुत विद्वान होते हैं और शैक्षिक क्षेत्र में ऊंचाइयों पर पहुंचने में कामयाब होते हैं। अत्यधिक भावुक होने के कारण अक्सर जीवन में कुछ महत्वपूर्ण समय पर मिलने वाले अवसरों को हाथ में आने से पहले ही छोड़ देते हैं और बाद में पछताते हैं। आप निर्णय लेने में अक्सर समस्या महसूस करते हैं। अप्रैल के महीने में तीसरे भाव में मंगल और राहु का अंगारक योग भाई - बहिनों को स्वास्थ्य कष्ट दिखा रहा है। जब मंगल राशि परिवर्तन करके चतुर्थ भाव में जाएंगे, तब उनकी स्वास्थ्य समस्याएं ठीक हो सकती हैं। इस समय के दौरान आपको उनका ध्यान रखना चाहिए और उनसे किसी भी तरह का वाद विवाद करने से बचना चाहिए। आपके प्रथम भाव में महीने की शुरुआत में सूर्य के साथ शुक्र की उपस्थिति होना और बुध का साथ में होना अहम भावना की वृद्धि को दिखाता है और यह आपकी बातों में भी झलकेगा इसलिए इस तरफ ध्यान देना बहुत जरूरी होगा क्योंकि इससे आप को सभी तरफ से नुकसान हो सकता है। इस महीने यात्रा करने से पहले पूरी सावधानी रखें। यात्रा के दौरान किसी तरह की चोट लगने या कोई सामान गुम हो जाने की समस्या हो सकती है। आप अपने ऊपर काफी खर्च करेंगे। नए नए कपड़े खरीदना और कुछ महंगे आइटम खरीदना भी आपको बहुत रुचिकर लगेगा। आप बाहर खाना खाने कई बार जाएंगे और दोस्तों के साथ भी समय बिताएंगे। कुछ पुरानी यादें ताजा करने का मौका मिलेगा और समाज की भलाई के लिए किसी काम को करने में आप आगे बढ़ेंगे। मन में धार्मिकता का भाव होगा। विदेशी माध्यमों से धन लाभ होने के प्रबल योग बनेंगे।

वित्त: आर्थिक दृष्टिकोण से ज्यादा चिंतित होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है क्योंकि बृहस्पति और शनि आपके एकादश भाव में होने से अच्छी आमदनी बनाए रखेंगे। बृहस्पति के राशि परिवर्तन करके द्वादश भाव में जाने से जहां आमदनी में थोड़ी गिरावट आएगी, वहीं आपके कुछ खर्चे भी बढ़ेंगे। हालांकि वह खर्च बेवजह के नहीं होंगे बल्कि धार्मिक कामों और अच्छे कामों के लिए ही वे खर्चे आपको करने पड़ेंगे और इससे आपको संतुष्टि भी मिलेगी। शुक्र और बुध का गोचर आपके दूसरे भाव में महीने के उत्तरार्ध में होने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। आप अपने धन को लेकर सही रणनीति बना पाएंगे और धन के इन्वेस्टमेंट से भी इस समय में आपके पास पैसा आ सकता है। रुका हुआ धन भी इस समय में मिल सकता है तथा महीने के उत्तरार्ध में सूर्य का गोचर दूसरे भाव में होने से सरकारी कामों और कोर्ट कचहरी से जुड़े मामलों से आपको आर्थिक लाभ होने के प्रबल योग बन सकते हैं। यदि आप कोई बिज़नेस करते हैं तो आपका बिजनेस विशेष रूप से 16 अप्रैल के बाद आपको लाभ प्रदान करेगा।

पारिवारिक: चतुर्थ भाव और द्वितीय भाव में किसी भी ग्रह की उपस्थिति ना होने और किसी भी ग्रह की दृष्टि ना होने से पारिवारिक जीवन सामान्य तरीके से आगे बढ़ेगा। परिवार में जो स्थितियां चली आ रही हैं, वही आगे बढ़ेंगी। कोई बड़ी समस्या आने के योग नहीं दिखते। 14 अप्रैल से मंगल का गोचर चतुर्थ भाव में होगा जिसके परिणाम स्वरूप परिवार से दूरी बढ़ सकती है और आपकी राशि का स्वामी भी बृहस्पति उस समय द्वादश भाव में होगा जिसकी वजह से आप किसी लंबी यात्रा पर जा सकते हैं जिससे परिवार से कुछ समय के लिए दूरी हो सकती है। इस स्थिति में अपनी माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें क्योंकि उन्हें स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त से आपको अच्छा लाभ मिल सकता है और परिवार की आमदनी में वृद्धि भी हो सकती है। इस समय में आप कोई संपत्ति खरीदने में भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं। तीसरे भाव में मंगल और राहु की युति भाई - बहनों को शारीरिक कष्ट की ओर इशारा करती है। हालांकि मंगल के गोचर करने से इस स्थिति में सुधार होना शुरू हो जाएगा और उनकी समस्याओं में धीरे-धीरे कमी आ जाएगी। तीसरे भाव का स्वामी शुक्र महीने की शुरुआत में आपकी राशि में होने से और 10 अप्रैल के बाद से आपके द्वितीय भाव में जाने से भाई - बहनों का पूरा सहयोग आपको मिलेगा। आपको आर्थिक तौर पर भी उनसे लाभ मिलने की उम्मीद होगी। आपसी बातचीत मधुर रहेगी जिससे रिश्ते भी प्रगाढ़ होंगे।